शिक्षा सेवा अभियान

शिक्षा दीजिए, भविष्य गढ़िए

"विद्या ददाति विनयम्" — एक कॉपी, एक पेन, एक किताब… आपका छोटा सा दान किसी बच्चे की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है।

2,500+
बच्चों तक पहुँच
8,000+
किताबें वितरित
45+
गाँव कवर
5+
वर्ष की सेवा
मुस्कुराता हुआ बच्चा अपनी नई किताबें पकड़े

हम क्यों कर रहे हैं यह सेवा

हर बच्चे का अधिकार — शिक्षा

आज भी हजारों बच्चे केवल इसलिए स्कूल नहीं जा पाते क्योंकि उनके पास एक कॉपी, एक पेन या एक किताब खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। सक्षम सेवा समिति इन्हीं बच्चों तक पहुँच रही है — उन्हें स्टेशनरी, पुस्तकें, यूनिफॉर्म और शिक्षा सहायता प्रदान करके। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा गरीबी के कारण अपनी पढ़ाई न छोड़े।

अभी सहयोग करें

आप कैसे मदद कर सकते हैं

हर दान का अपना महत्व

अपनी सुविधा अनुसार सहायता का तरीक़ा चुनिए — हर एक रुपया सीधे ज़रूरतमंद तक पहुँचता है।

स्टेशनरी सहायता

₹251

कॉपी, पेन, पेंसिल, रबर, ज्यामिति बॉक्स — एक बच्चे के लिए पूरा सेट।

पुस्तक सहायता

₹501

कक्षा अनुसार पाठ्य-पुस्तकें — ज्ञान का सबसे बड़ा उपहार।

स्कूल किट

₹1,100

बैग, यूनिफॉर्म, जूते — पूरा बच्चा स्कूल के लिए तैयार।

मासिक फीस

₹2,100

एक बच्चे की एक माह की स्कूल फीस आप वहन करें।

वार्षिक शिक्षा

₹11,000

एक बच्चे की पूरे साल की शिक्षा का सम्पूर्ण खर्च।

सामूहिक सहयोग

स्वैच्छिक

स्कूल, लाइब्रेरी या डिजिटल क्लास के लिए विशेष योगदान।

हमारे क्षण

मुस्कानें — हमारी असली कमाई

कक्षा में बच्चे
हर चेहरे पर सीखने की चमक
किताब पढ़ती छात्रा
एक किताब, अनगिनत सपने
बैग वितरण
स्कूल बैग वितरण कार्यक्रम
ब्लैकबोर्ड पर लिखती बच्ची
गाँव की पाठशाला
स्टेशनरी किट
नई कॉपियाँ, नया उत्साह

कैसे काम करता है

आपका दान — बच्चे तक 3 क़दम में

1

आप दान करें

Razorpay के माध्यम से सुरक्षित रूप से किसी भी राशि का दान कीजिए।

2

हम सामग्री खरीदते हैं

आपके दान से सीधे किताबें, कॉपियाँ, यूनिफॉर्म व स्कूल किट खरीदी जाती है।

3

बच्चे तक पहुँचाते हैं

हर सामग्री गाँव-गाँव जाकर सही बच्चे के हाथ में पहुँचाई जाती है — फोटो रिपोर्ट के साथ।

असली कहानियाँ

जिनकी ज़िंदगी बदली — उन्हीं की ज़ुबानी

"मेरी बेटी की पढ़ाई छूटने वाली थी। समिति ने किताबें और यूनिफॉर्म दी — आज वो स्कूल जा रही है।"

रीना देवी
रीना देवी
अभिभावक, अलवर

"गाँव के 40 बच्चों को स्टेशनरी मिली, अब उनके पास लिखने को कॉपी है। बहुत बड़ा बदलाव आया है।"

मोहन शर्मा
मोहन शर्मा
स्कूल शिक्षक

"नया स्कूल बैग और किताबें मिलीं तो मन खुश हो गया। अब मैं डॉक्टर बनना चाहता हूँ।"

आरव कुमार
आरव कुमार
छात्र, कक्षा 6

आपके सवाल

कुछ ज़रूरी बातें — आपके लिए

हाँ, सक्षम सेवा समिति 80G पंजीकृत संस्था है। हर दान पर आपको 80G certificate ईमेल पर भेजा जाएगा।
किताब पढ़ती छात्रा सूर्यास्त के समय

"एक बच्चे को शिक्षित करना, एक पूरे परिवार को रोशन करना है।"

— सक्षम सेवा समिति

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